
"सिक्किम"
यह नाम है उस फ़िल्म का जो महान फ़िल्म निर्देशक सत्यजित रे नें बनाई थी, मगर किसी कारणवश उसे थियेटर नसीब नहीं हुआ था.अमूमन अधिकतर लोग यह नहीं जानते कि उन्होने ऐसे नाम से कोई फ़िल्म बनाई भी थी.
आज यह नाम सामने आया है तो इस वजह से कि १० से १७ नवम्बर तक कोलकाता फ़िल्म फ़ेस्टिवल में इस फ़िल्म को दिखाया जायेगा, और सत्यजित रे के कई चाहने वाले इस फ़िल्म का इन्तज़ार ही कर रहे थे.
बात ही कुछ ऐसी थी.
दरसल इस फ़िल्म का निर्माण किया था सिक्किम के राजा और रानी नें और सन १९७५ में इसे भारतीय सेंसर बोर्ड नें भी मान्यता दी थी. मगर दुर्भाग्यवश ,इस फ़िल्म की सभी प्रिंट्स नष्ट हो गयी थी.
लेकिन सौभाग्य से अभी अभी ब्रिटीश फ़िल्म एकादमी के पुरातत्व विभाग में संयोगवश एक प्रिंट मिल गई तो यह अनमो्ल खजाना हम तक पहुंच पाया.रे नाम का इतना जबरदस्त प्रभाव है, कि यु एस एकेडमी ओफ़ मोशन पिक्चर्स ने इस फ़िल्म को डिजिटल स्वरूप दिया है.
इस फ़िल्म के साथ रे की अन्य फ़िल्में - पारोश पाथर, तीन कन्या, जोय बाबा फ़ेलुनाथ टु , और अपराजितो को भी प्रदर्शित किया जायेगा.

सत्यजित रे अपने मृत्यु के कुछ दिन पहले, एकेडमी अवार्ड के साथ..
